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गीतकार संतोष आनंद का झलका दर्द, देख पाता तो 'द कश्मीर फाइल्स' का पहला शो देखता, मेरे गाने तक से कश्मीर हटा दिया..

सिंगर संतोष आनंद ने अपने पुराने जख्मों का दर्द लोगों के साथ साझा, कहां मेरे गाने से तो कश्मीर को हटा दिया गया ..

गीतकार संतोष आनंद का झलका दर्द, देख पाता तो 'द कश्मीर फाइल्स' का पहला शो देखता, मेरे गाने तक से कश्मीर हटा दिया..

द कश्मीर फाइल्स मूवी के प्रड्यूसर विवेक अग्निहोत्री है। फिल्म में 1990 में हुए कश्मीरी हिंदुओं पर जुल्म की कहानी है। इस फिल्म का नाम भारत के हर नागरिक के मुंह से सुना जा सकता है लोग इस फिल्म पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। जाने-माने सिंगर संतोष आनंद ने बताया कि 90 के दशक में कश्मीर में आतंकवादियों का इतना कहर था कि मैंरे गाने से कश्मीर नाम हटा दिया गया था। इनका कहना है कि इस फिल्म की कहानी बिल्कुल सच्ची है जिसे कोई झुठला नहीं सकता है।

गीतकार संतोष आनंद का झलका दर्द, देख पाता तो 'द कश्मीर फाइल्स' का पहला शो देखता, मेरे गाने तक से कश्मीर हटा दिया..-image-62487a8704505
Image source - Google search

सिंगर संतोष आनंद ने अपनी यह व्यथा मंगलवार के दिन प्रयागराज में बया की थी। वे यहां किंडगज में शुरू हुई काव्य चकल्लस-2022 के कवि सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आए थे। इनका एक फेमस गाना है 'दिल दीवाने का डोला दिलदार के लिए'। इन्होने कहा था यह गाना ऐसा नहीं था। इसके सही बोल यह है 'दिल दीवानों का डोला कश्मीर के लिए..हर देशभक्त ये बोला कश्मीर के लिए..मेरा रंग दे बसंती चोला कश्मीर के लिए।’

गीतकार संतोष आनंद का झलका दर्द, देख पाता तो 'द कश्मीर फाइल्स' का पहला शो देखता, मेरे गाने तक से कश्मीर हटा दिया..-image-62487a8704505
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संतोष आनंद का कहना है कि उस समय कश्मीर में आतंकवाद अपने चरम पर था उस समय कोई कश्मीर का नाम भी नहीं लेता था। इस कारण मेरे गाने में से कश्मीर शब्द को निकाल दिया गया। उस समय मेरे गाने का न्यूज़पेपर में आर्टिकल भी छपा था जिसमें न्यूज़पेपर के संवाददाता ने कहा था कि यह देशभक्त व्यक्ति हैं।

द कश्मीर फाइल्स का शो देखता 

संतोष आनंद का कहना है कि मैं व्हील चेयर पर हूं और मैं थिएटर में द कश्मीर फाइल्स फिल्म देखने नहीं जा सकता हूं। लेकिन मैं उस समय में चल रही घटना की कल्पना जरूर कर सकता हूं। फिल्म की बहुत चर्चा भी हो रही है। अगर मैं फिल्म देखने जाता तो फ्रंट सीट पर मैं ही बैठा होता।

जाने-माने सिंगर और कवि संतोष आनंद ने शोर, रोटी कपड़ा और मकान, क्रांति और प्रेम रोग, आदि फिल्मों के लिए गाने लिखे। इन्होंने अभी तक फिल्मों के लिए लगभग 109 गाने गाए हैं।

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