दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सौरव गांगुली को हाल ही में रिलीज हुई फिल्म Doosra में उन खास दृश्यों की पहचान करने का निर्देश दिया है, जिनसे उनके मुताबिक उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन होता है। अदालत ने गांगुली की तरफ से फिल्म मेकर्स के खिलाफ दायर मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया।
फिल्म मेकर्स को पेन ड्राइव देने का निर्देश
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जस्टिस तेजस कारिया ने प्रतिवादियों को फिल्म वाली एक पेन ड्राइव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब दो नवंबर को तय की गई है। फिल्म Doosra राजस्थान की एक मध्यमवर्गीय लड़की की काल्पनिक कहानी पर आधारित है, जिसके जीवन पर भारतीय क्रिकेट के अहम पलों और खासतौर से सौरव गांगुली से जुड़े लम्हों का प्रभाव पड़ता है।

कानूनी टीम ने उठाए गंभीर सवाल
सुनवाई के दौरान सौरव गांगुली की कानूनी टीम ने दलील दी कि फिल्म में उनकी सहमति के बिना उनकी पहचान और उपलब्धियों का इस्तेमाल किया गया है। उनके वकील ने फिल्म के पिछले हफ्ते सिनेमाघरों में रिलीज होने के बावजूद मेकर्स पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की। अदालत को यह भी बताया गया कि फिल्म अभी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं हुई है।
गांगुली की ओर से चिंता जताते हुए कहा गया कि यह पूरी फिल्म सौरव गांगुली के जीवन पर आधारित है और बिना सहमति के उनकी छवि का गलत इस्तेमाल किया गया है।
फिल्म मेकर्स का पक्ष
दूसरी ओर, फिल्म निर्माताओं ने इन सभी आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि गांगुली का करियर केवल इस काल्पनिक कहानी के लिए एक प्रेरणा का काम करता है। उनके कानूनी प्रतिनिधि ने यह भी तर्क दिया कि फिल्म में इस्तेमाल किए गए क्रिकेट फुटेज के लिए कॉपीराइट धारकों से जरूरी अनुमति ले ली गई थी।

यह कानूनी विवाद फिल्म के सिनेमाघरों में आने से पहले ही शुरू हो गया था। 22 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके अगले दिन अदालत ने मेकर्स को गांगुली के आरोपों का जवाब देने और फिल्म की स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।
