WPL Auction: इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ उमा काश्वी का नाम
महिला प्रीमियर लीग (WPL) की नीलामी में एक नया इतिहास रचा गया है। मध्य प्रदेश की 15 साल की ऑलराउंडर उमा काश्वी WPL इतिहास में चुनी जाने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं। उन्हें दिल्ली कैपिटल्स की फ्रेंचाइजी ने उनके बेस प्राइस 10 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया है। उनके इस ऐतिहासिक चयन के बाद परिवार और करीबियों में जश्न का माहौल है।
कड़ी मेहनत और परिवार का समर्थन
उमा काश्वी के इस मुकाम के पीछे उनके चाचा साई सत्य विजय की कड़ी मेहनत और समर्पण का बड़ा हाथ है। विजय खुद आंध्र प्रदेश में इंटर-डिस्टिक्ट क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण आगे नहीं बढ़ पाए। उन्होंने ठान लिया था कि वे अपनी भतीजी को वह मुकाम दिलाएंगे जो वे खुद हासिल नहीं कर सके।
उमा की फिटनेस और खेल को बेहतर बनाने के लिए उनके चाचा ने सुबह 3,000 कदम दौड़ने का नियम बनाया। शाम को अकादमी के सत्र के बाद वे खुद उन्हें 30 ओवर थ्रोडाउन गेंदबाजी करते थे। पहले एक साल तक उनके शरीर पर गेंद लगने के निशान रहते थे, लेकिन उमा ने कभी हार नहीं मानी।
पढ़ाई में भी अव्वल हैं उमा
क्रिकेट के साथ-साथ उमा पढ़ाई में भी बेहद होनहार हैं। उनके परिवार में अकादमिक माहौल रहा है, और उन्होंने स्कूल की पढ़ाई में हमेशा 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। कम उम्र में ही अर्जुन देव की क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग लेने वाली उमा ने अपनी मैच की समझ और परिपक्वता से सबको प्रभावित किया है। अब दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा बनने के बाद उन्हें साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों से ढेरों बधाइयां मिल रही हैं।
