भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। पूर्व भारतीय स्पिनर Pragyan Ojha को आधिकारिक तौर पर अजीत आगरकर की जगह नया चेयरमैन ऑफ सिलेक्टर्स नियुक्त कर दिया गया है। उनके साथ पांच सदस्यीय पैनल में मुंबई के पूर्व ऑफ स्पिनर रमेश पवार भी शामिल हो गए हैं।
Pragyan Ojha के सामने कड़ी चुनौतियां
अगले 12 महीनों में भारतीय टीम को कई अहम सीरीज और टूर्नामेंट खेलने हैं, जिसमें ICC 50 ओवर का वर्ल्ड कप भी शामिल है। इसके लिए टीम इंडिया को एक मजबूत स्क्वाड तैयार करना होगा। अजीत आगरकर के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने T20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रोफी जीती थी, साथ ही 2023 के 50 ओवर के वर्ल्ड कप के फाइनल तक का सफर तय किया था। ऐसे में ओझा के लिए यह विरासत संभालना आसान नहीं होगा।
रोहित शर्मा के भविष्य पर टिकी निगाहें
ओझा ऐसे समय में इस पद पर आए हैं जब टीम के कई सीनियर खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम दौर में हैं और अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में खेलना चाहते हैं। चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि अगर रोहित शर्मा वनडे मैचों में रन बनाने के लिए संघर्ष करते हैं, तो क्या ओझा और उनका पैनल कड़े फैसले लेते हुए उन्हें ड्रॉप करने का जोखिम उठाएगा। आगरकर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई कड़े फैसले लिए थे, और अब प्रज्ञान ओझा को भी इसी राह पर चलना होगा।
वनडे टीम पर रहेगा विशेष फोकस
वर्तमान में T20I टीम लगभग तय है और टेस्ट स्क्वाड भी आकार ले रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान वनडे टीम पर देने की जरूरत है। ओझा के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम को तैयार करना होगी। देखना यह होगा कि प्रज्ञान ओझा इस बड़ी जिम्मेदारी को कैसे निभाते हैं।
