भारतीय कुश्ती टीम के फ्रीस्टाइल कोच बेंटिनिदिस शाको ने भारतीय पहलवानों के प्रदर्शन और उनकी क्षमताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद कोच का मानना है कि भारतीय पहलवानों में अभी असीम संभावनाएं छिपी हैं, लेकिन वे अपनी क्षमता के केवल 40 प्रतिशत पर ही प्रदर्शन कर रहे हैं।
एशियाई खेलों के प्रदर्शन पर कोच की राय
द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में कोच शाको ने एशियाई खेलों में पुरुष फ्रीस्टाइल टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि अमन सहरावत और सुजीत कलकल ने अपनी काबिलियत साबित करते हुए स्वर्ण पदक जीते। वहीं, सागर जागलान ने मौजूदा ओलंपिक चैंपियन को हराया, जिससे उन्हें बड़ा अनुभव मिला।
मानसिकता में सुधार की जरूरत
कोच शाको का कहना है कि भारतीय पहलवानों के पास तकनीक और ताकत सब कुछ है, लेकिन उन्हें अपनी मानसिकता पर काम करने की जरूरत है। जापान या ईरान के पहलवानों या विश्व चैंपियन का सामना करते समय दबाव महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। इस मानसिकता को बदलने पर परिणाम सामने आ रहे हैं।
2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारी
कोच ने कहा कि हमारे पास एक मजबूत ग्रुप है और हम 2028 के ओलंपिक के लिए एक मजबूत बेस तैयार कर रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि पहलवान 2027 की विश्व चैंपियनशिप में ही अपने कोटा हासिल कर लें, जिससे ओलंपिक की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
