करीबन साढ़े तीन साल पुराने मामले में इंग्लैंड की अदालत ने भारतीय मूल के दो लोगों को कुल 28 साल की सजा सुनाई है। लीड्स के क्राउन कोर्ट ने 29 साल के हरदीप भाचू को 12 साल और 37 साल के जस्समल रियात को 16 साल की सजा सुनाई है। आरोप है कि उन्होंने तेज रफ्तार गाड़ी से जनवरी 2023 में एक 27 साल की मां और उनकी चार साल की बच्ची को कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
भाचू ने खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाकर जस्टीन हुलबोज और उनकी बेटी लीना जेपजोर की मौत का जुर्म कबूल कर लिया है। अगस्त में चले मुकदमे के बाद रियात को भी इन्हीं अपराधों के तहत दोषी ठहराया गया था। इन दोनों व्यक्तियों को 6 साल तक गाड़ी चलाने पर पाबंदी लगाई है। दोबारा गाड़ी चलाने से पहले अब एक ड्राइविंग टेस्ट से गुजरना होगा।
कोर्ट बोली- सड़क कोई रेस ट्रैक नहीं
सजा सुनाते हुए जज रे सिंह ने कहा कि सड़क कोई रेस ट्रैक नहीं है। एक शक्तिशाली कार होने का मतलब यह नहीं है कि आप सार्वजनिक सड़क पर उसकी क्षमता की परीक्षा लें। बहुत तेज रफ्तार से रेस लगाने जैसे अंदाज में गाड़ी चलाने के नतीजे ऐसे हो सकते हैं, जिन्हें कभी नहीं बदला जा सकता। इस मामले में ऐसा ही हुआ है।
क्या हुआ था उस दिन?
घटना 16 जनवरी 2023 की है, जब भाचू अपनी ऑडी कार से कंट्रोल खो बैठे और लीड्स में स्कूल जा रही जस्टीना और लीना को टक्कर मार दी। इसके बाद कार स्टॉक हॉल रोड पर स्थित वर्टू जगुआर लीड्स लीडरशिप की दीवार से जा टकराई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, टक्कर से कुछ समय पहले रियात 40 मील प्रति घंटे की गति सीमा वाली सड़क पर 89 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला रहा था। वह बीएमडब्ल्यू 1 सीरीज चला रहा था और कथित तौर पर भाचू की ऑडी के साथ रेस लगा रहा था। रियात अपने फोन से भाचू का वीडियो भी बना रहा था। दोनों व्यक्ति एक-दूसरे को नहीं जानते थे, लेकिन ट्रैफिक लाइट पर उन्होंने बातचीत की थी।
