जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के भीतर चल रहे आंतरिक संकट के बीच, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने आधिकारिक तौर पर अपने प्रवक्ताओं और प्रमुख पदाधिकारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पार्टी ने नेताओं को किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में मीडिया से बात करने से रोक दिया है।
पीडीपी महासचिव ने जारी किया निर्देश
पीडीपी के महासचिव मोहम्मद खुर्शीद आलम की ओर से जारी औपचारिक निर्देश में पार्टी के सभी नेताओं, निर्वाचन क्षेत्र प्रभारियों और जिला अध्यक्षों से कहा गया है कि वे राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर मीडिया को कोई बयान न दें और न ही किसी न्यूज डिबेट में हिस्सा लें। मुख्य प्रवक्ता डॉ. महबूब बेग की सलाह पर यह आदेश जारी किया गया है।
क्यों उठाया गया यह कदम?
यह पाबंदी ऐसे समय में लगाई गई है जब श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी के नेशनल कॉन्फ्रेंस और अपनी लोकसभा सीट से अचानक इस्तीफा देने की खबर सामने आई है। पीडीपी नेतृत्व का यह फैसला एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी चाहती है कि एनसी की अंदरूनी कलह पर ध्यान देने के बजाय जनता का ध्यान पीडीपी के अपने मुद्दों पर केंद्रित रहे और पार्टी एक एकजुट आवाज के रूप में सामने आए।
