भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज में शुरुआत से ही गेंदबाजों की जमकर धुलाई हो रही है। रांची में खेले गए मुकाबले में तो हद ही हो गई, जब वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने आसानी से ढाई सौ रन का टारगेट चेज कर लिया। सीरीज के शुरुआती चार मैचों में भारतीय गेंदबाज मिलकर आठ सौ से ज्यादा रन लुटा चुके हैं। खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल खुलकर अपने गेंदबाजों के समर्थन में उतर आए हैं.
बेंगलुरू में खेला जाएगा पांचवां टी20 मुकाबला
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवां और आखिरी टी20 मैच बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला किसी फाइनल मैच से कम नहीं है, क्योंकि आज जो भी टीम जीतेगी, सीरीज उसके नाम हो जाएगी। इस अहम मुकाबले से पहले गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खिलाड़ियों का पक्ष लिया.
खिलाड़ियों पर रहता है मानसिक दबाव
मोर्ने मोर्केल ने कहा कि खिलाड़ी भी इंसान ही हैं और उनसे हर मैच में मैच जिताऊ प्रदर्शन की उम्मीद करना गलत है। उन्होंने खिलाड़ियों पर बढ़ते मानसिक दबाव का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार इंटरनेशनल शेड्यूल के कारण उन पर भारी थकान रहती है। मोर्केल ने बताया कि कुछ खिलाड़ी एशियन गेम्स के बाद सीधा वेस्टइंडीज सीरीज खेलने पहुंचे और इस दौरान उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली भी जाना पड़ा था.
कोच ने की खिलाड़ियों की तारीफ
चार मैचों में 879 रन लुटाने के बावजूद मोर्केल ने कहा कि वे अपने गेंदबाजों का पूरा सम्मान करते हैं। टीम इंडिया के व्यस्त शेड्यूल के बीच खिलाड़ी जैसा प्रदर्शन कर रहे हैं, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि कभी-कभी खिलाड़ियों से गलतियां हो सकती हैं और उन पर हर वक्त शानदार प्रदर्शन करने का भारी दबाव नहीं डालना चाहिए।
