उत्तराखंड के जोशीमठ में हाल ही में हुए हेलिकॉप्टर क्रैश ने एक बार फिर हवाई यात्रा की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा एक हेलीकॉप्टर चाई गांव के पास जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में पायलट समेत कुल छह लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद से हेलीकॉप्टर का संचालन करने वाली कंपनी ट्रांस भारत एविएशन लगातार चर्चा में बनी हुई है।
क्या है Trans Bharat Aviation?
यह कंपनी लगभग 35 साल पुरानी है और पूरे देश में हेलीकॉप्टर चार्टर, वीआईपी ट्रैवल और तीर्थ यात्रा जैसी विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 58 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया था। इस दुर्घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा की जा रही है।
ट्रांस भारत एविएशन की स्थापना वर्ष 1991 में हुई थी। दिल्ली में मुख्यालय वाली यह कंपनी खुद को देश के पुराने नॉन-शेड्यूल हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों में से एक मानती है। इसका अर्थ यह है कि यह सामान्य एयरलाइंस की तरह तय रूट और समय पर उड़ानें संचालित नहीं करती, बल्कि आवश्यकता के अनुसार चार्टर सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी की मुख्य सेवाओं में चार धाम यात्रा, केदारनाथ यात्रा, चुनावी उड़ानें, वीआईपी चार्टर, जॉय राइड, हवाई सर्वे और हेलीकॉप्टर मेंटेनेंस शामिल हैं।
कंपनी के पास कितने हेलिकॉप्टर हैं?
कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, उसके बेड़े में कुल तीन बेल 407 हेलीकॉप्टर मौजूद हैं। इन तीनों हेलीकॉप्टरों की कुल यात्री क्षमता 18 बताई गई है। कंपनी का दावा है कि उसके ये हेलीकॉप्टर आधुनिक एवियोनिक्स सिस्टम और क्रैश-रेसिस्टेंट फ्यूल सिस्टम से लैस हैं और इनमें रोल्स-रॉयस के इंजन लगे हैं।
कैसे हुआ जोशीमठ में हादसा?
दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलिकॉप्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर VT-HCX था और इसकी पहचान AS350B3 के रूप में हुई है। इस हेलिकॉप्टर ने शुक्रवार दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ हेलीपैड से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान यह जोशीमठ के चाई गांव के पास जंगल में क्रैश हो गया, जिसमें सभी छह लोगों की मृत्यु हो गई।
