जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला का पाकिस्तान को लेकर दिया गया बयान तूल पकड़ता जा रहा है। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिंदू परिषद से लेकर कांग्रेस तक ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और उन पर तीखा हमला बोला है।
बारामूला रैली में दिया था विवादित बयान
फारूक अब्दुल्ला ने हाल ही में बारामूला में एक जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में धारा 370 की बहाली की मांग करते हुए दिल्ली पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि पड़ोसी देश लगातार दुनिया के सामने यह मुद्दा उठा रहा है और हमारी रक्षा कर रहा है, वरना दिल्ली के इरादे नेक नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
बीजेपी ने की सख्त कार्रवाई की मांग
बीजेपी प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने फारूक अब्दुल्ला के बयान को राष्ट्रविरोधी और खुली बगावत बताया है। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस हमेशा से भारत-विरोधी विचारों को बढ़ावा देती रही है। अल्ताफ ठाकुर ने मांग की है कि अगर अब्दुल्ला को पाकिस्तान से इतना ही प्यार है, तो उन्हें वहीं चले जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
वीएचपी ने मांगी माफी
विश्व हिंदू परिषद ने भी इस बयान की कड़ी निंदा की है। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि अब्दुल्ला का यह बयान देश के साथ विश्वासघात के समान है। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को इस पाकिस्तान समर्थक और राष्ट्रविरोधी बयान के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ राजद्रोह के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने भी जताई असहमति
इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस पार्टी की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने फारूक अब्दुल्ला के बयान से असहमति जताते हुए कहा कि इसमें कोई दोराय नहीं है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK के लोग खुद पाकिस्तानी सरकार से परेशान हैं और वहां लगातार विरोध प्रदर्शन होते रहते हैं।
