प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दिल्ली जोनल कार्यालय-II ने शांति स्वरूप सतीजा और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 1.66 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।
जयपुर में स्थित हैं कुर्क संपत्तियां
कुर्क की गई संपत्तियां राजस्थान के जयपुर जिले की विराट नगर तहसील के धानी गैसकान गांव में स्थित जमीन हैं। ये संपत्तियां श्री गणेशम बिल्ड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक अनिल कुमार शर्मा के नाम पर दर्ज हैं। ED के अनुसार, यह कार्रवाई अपराध से अर्जित आय के बराबर मूल्य की संपत्तियों को सुरक्षित करने के लिए की गई है। जांच में सामने आया कि इतनी ही राशि इन आरोपियों को हस्तांतरित की गई थी।
ऐसे सामने आया पूरा मामला
ED ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज 10 एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू की थी। आरोप है कि शांति स्वरूप सतीजा ने विभिन्न कंपनियों के माध्यम से लोगों को निवेश योजनाओं और जमीन परियोजनाओं में पैसा लगाने के लिए आकर्षित किया। निवेशकों को हर महीने दो से तीन प्रतिशत तक निश्चित रिटर्न देने का लालच दिया गया था।
भुगतान बंद होने पर खुला राज
शुरुआती कुछ महीनों में निवेशकों को रिटर्न दिया गया, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद हो गया और निवेशकों को उनकी मूल राशि भी वापस नहीं मिली। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और अब ईडी ने आरोपियों की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
