अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि हम इस्लामिक गणराज्य के साथ सार्थक बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भले ही ईरान की आर्थिक और सैन्य स्थिति बहुत खराब है और नाकेबंदी पूरी तरह लागू रहेगी, फिर भी हॉर्मुज से रिकॉर्ड मात्रा में तेल बह रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें से एक भी बैरल ईरान से न तो आ रहा है और न ही जा रहा है।
मिडटर्म इलेक्शन से पहले नहीं होगा हमला
ट्रंप ने ऐलान किया कि 3 नवंबर को अमेरिका में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन से पहले किसी भी समय ईरान पर हमला नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान के पास एटमिक हथियार नहीं होगा।
अमेरिका के सैन्य विमानों को नुकसान
इस बीच, एपी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेसन रिसर्च सर्विस की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान संघर्ष में अमेरिका के कम से कम 82 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और ड्रोन क्षतिग्रस्त हुए हैं या नष्ट हो चुके हैं। इनमें 45 MQ-9 रीपर ड्रोन, 12 F-15E स्ट्राइक ईगल जेट, सात KC-135 स्ट्रैटोटैंकर और एक F-35A लाइटनिंग II फाइटर जेट शामिल हैं।
ईरान का यूरेनियम संवर्धन जारी रहेगा
उधर, ईरान के एटमिक चीफ मोहम्मद इस्लामी ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी दबाव और धमकियों के बावजूद तेहरान यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण परमाणु इंडस्ट्री का जरूरी हिस्सा है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है।
