बिहार में 1,799 दरोगा पदों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में दरोगा अभ्यर्थियों ने पटना के गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की तरफ मार्च निकाला। इन उम्मीदवारों की मुख्य मांग है कि हाल ही में रद्द की गई मेंस परीक्षा के फैसले को तुरंत वापस लिया जाए, रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाए और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट की तारीख का ऐलान जल्द से जल्द किया जाए।
क्यों भड़का है उम्मीदवारों का गुस्सा
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने 1,799 सब इंस्पेक्टर पदों के लिए मेंस परीक्षा 27 मई को आयोजित की थी। इसका रिजल्ट 19 जून को घोषित किया गया था, जिसके बाद सफल उम्मीदवार फिजिकल टेस्ट की तैयारियों में जुटे थे। लेकिन इसके करीब तीन महीने बाद, 23 सितंबर को आयोग ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए मेंस परीक्षा को रद्द कर दिया। परीक्षा रद्द करने की कोई विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं किए जाने के कारण उम्मीदवारों में भारी नाराजगी है।
गलती किसी और की तो सजा हमें क्यों
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का सवाल है कि यदि परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई थी, तो उसकी जांच करके दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। बिना किसी ठोस वजह के उन सभी छात्रों को दोबारा परीक्षा की आग में क्यों धकेला जा रहा है, जिन्होंने अपनी मेहनत से परीक्षा पास की थी। चार महीने तक फिजिकल की तैयारी करने के बाद अचानक परीक्षा रद्द होने से उम्मीदवारों की मेहनत और समय दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
उम्र सीमा और आर्थिक संकट की चिंता
उम्मीदवारों के सामने सिर्फ परीक्षा दोबारा देने की चुनौती नहीं है, बल्कि कई ऐसे छात्र हैं जिनकी उम्र सीमा अब समाप्त होने की कगार पर है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में देरी उनके भविष्य के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। छात्रों ने लंबे समय तक तैयारी के लिए अपने परिवारों से आर्थिक मदद ली थी, और परीक्षा पास होने के बाद परिवार को नौकरी की उम्मीद बंधी थी, लेकिन इस फैसले ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
