मेगास्टार अमिताभ बच्चन अक्सर अपने ब्लॉग के जरिए अपने विचार फैंस के साथ साझा करते रहते हैं। इस बार अभिनेता ने अपने ब्लॉग में पुरानी परंपराओं और अंधविश्वासों पर खुलकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि लोग बिना मतलब समझे ही पुरानी मान्यताओं को मानते चले आ रहे हैं। समय के साथ इंसान की इच्छाएं और जिंदगी को देखने का नजरिया बदल जाता है, लेकिन कई परंपराएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।
पुरानी मान्यताओं और अंधविश्वास पर सवाल
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में शनिवार को नाखून न काटने और हरे पत्थर की जगह हरी शॉल रखने जैसी मान्यताओं का उदाहरण दिया। उन्होंने तर्क पर सवाल उठाते हुए लिखा कि शनिवार को नाखून न काटने की प्रथा चली आ रही है और हमारा डर इसे आज्ञाकारी इंसान के तौर पर मान्यता देता रहता है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि उस बेचारे पत्थर ने क्या बिगाड़ा है और हरे रंग की शॉल कैसे लाभदायक हो जाएगी?
नई पीढ़ी की सोच पर क्या बोले बिग बी
मेगास्टार ने इस बात पर भी जोर दिया कि आधुनिक युग में लोग मानसिक शांति और अच्छे स्वास्थ्य के लिए पुरानी प्रथाओं को नए तरीके से अपना रहे हैं। अभिनेता ने माना कि आज की पीढ़ी आंख बंद करके किसी भी प्रथा को नहीं मानती है। आज के युवा उन्हीं परंपराओं को अपनी जीवनचर्या में शामिल कर रहे हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक, शारीरिक या मानसिक लाभ होता है।
