विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म Ranabaali अपनी बीटीएस कहानियों को लेकर चर्चा में बनी हुई है। फिल्म के निर्देशक राहुल सांकृत्यायन ने मुख्य किरदारों के डिजाइन को लेकर दिलचस्प खुलासे किए हैं। वृत्तचित्र श्रृंखला 'Ranabaali – Never Forget The Truth' के तहत इसका तीसरा एपिसोड यूट्यूब पर स्ट्रीम हो चुका है।
ऐतिहासिक योद्धाओं से प्रेरित है किरदार
निर्देशक राहुल सांकृत्यायन ने बताया कि Ranabaali में विजय देवरकोंडा द्वारा निभाया जाने वाला किरदार रायलसीमे के कई महान ऐतिहासिक योद्धाओं से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि रायलसीमे एक ऐसी भूमि है जिसने कई बहादुर योद्धाओं को जन्म दिया है। बुड्डा वेंगल रेड्डी, उय्यालवाडा नरसिम्हा रेड्डी और गाडेकल बोब्बिल्ली नागिरेड्डी जैसे सीमा पालेगारों की वीरता की कहानियां आज भी पारंपरिक ballad के जरिए सुनाई जाती हैं।
रायलसीमे की माटी के वीर
निर्देशक ने साझा किया कि Ranabaali की कहानी का विचार उन्हें तब आया जब उन्होंने पहली बार गाडेकल बोब्बिल्ली नागिरेड्डी के बारे में सुना। नागिरेड्डी घोड़ों की सवारी के लिए जाने जाते थे और साजिशों के तहत उनकी हत्या कर दी गई थी। यह फिल्म ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान हुए भयानक 1876-1878 के मद्रास अकाल से भी प्रेरित है।
शोध के दौरान निर्देशक बुड्डा वेंगल रेड्डी की कहानी से भी रूबरू हुए, जिन्होंने अपनी सारी संपत्ति बेचकर लोगों की जान बचाई थी। उय्यालवाडा नरसिम्हा रेड्डी ने भी अंग्रेजों के खिलाफ डटकर मुकाबला किया था। निर्देशक ने बताया कि उन्होंने अपने बचपन में समाज के लिए असाधारण साहस दिखाने वाले कई लोगों को देखा है और उन्हीं से प्रेरणा लेकर Ranabaali के किरदार को गढ़ा है।
