कनेडी सेंटर को गिराए जाने के डर से सड़कों पर उतरे हजारों लोग, डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ किया प्रदर्शन
वाशिंगटन में जॉन एफ. कनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स के बाहर हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों को डर है कि ट्रंप इसे गिरा सकते हैं।
वाशिंगटन में जॉन एफ. कनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स के बाहर शुक्रवार की शाम को हजारों लोगों ने इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस योजना के खिलाफ था, जिसमें इस ऐतिहासिक संस्थान को बंद करने और गिराए जाने की आशंका जताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया और राष्ट्रपति के खिलाफ नारेबाजी की।
क्यों हो रहा है विरोध?
पोटोमैक नदी के तट पर स्थित कनेडी सेंटर वाशिंगटन की सबसे प्रतिष्ठित इमारतों में से एक है। 2025 में जब से ट्रंप ने इसके गवर्निंग बोर्ड में अपने करीबी लोगों को शामिल करना शुरू किया, तब से यह विवादों में है। पिछले साल इस सेंटर पर उनका नाम भी लगाया गया था, जिसे एक अदालत ने अवैध करार देते हुए हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद कोर्ट के आदेशों और बोर्ड के फैसलों को लेकर लगातार कानूनी लड़ाई चल रही है।
अदालत का आदेश और जनता की चिंता
मंगलवार को कनेडी सेंटर के बोर्ड ने इसे अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का वोट दिया, जिसके कुछ ही घंटों पहले अमेरिकी जिला जज क्रिस्टोफर कूपर ने ट्रंप का नाम वापस जोड़ने की योजना पर रोक लगाई थी। गुरुवार को जज ने यह भी आदेश दिया कि इमारत में कोई भी बड़ा बदलाव या तोड़फोड़ करने से 30 दिन पहले नोटिस देना होगा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों का मानना है कि ट्रंप बिना नोटिस दिए भी कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं, जैसा उन्होंने ईस्ट विंग के मामले में किया था।
कला जगत और जनता का समर्थन
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए लोगों ने कला जगत के लिए इस सेंटर के महत्व को सराहा। कई लोगों ने ट्रंप के नाम वाले ब्लैकबोर्ड पर दिल के निशान बनाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि कला और कार्यक्रमों पर सेंसरशिप लगाने का है। स्थानीय लोगों और छात्रों के परिजनों ने भी बताया कि इस ऐतिहासिक सेंटर के बंद होने से कला और संस्कृति से जुड़े युवाओं के अवसरों पर बुरा असर पड़ रहा है।
व्हाइट हाउस का पक्ष
ओवल ऑफिस से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस सेंटर को बचाने के इच्छुक हैं, जो कथित तौर पर घाटे में चल रहा था। हालांकि, उन्होंने इसे गिराए जाने से जुड़े सवालों पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि ट्रंप प्रशासन को इस सेंटर को बचाने का श्रेय मिलना चाहिए।




