बॉलीवुड अभिनेत्री शेफाली शाह ने अपनी डेब्यू बुक 'द ऑडेसिटी ऑफ बीइंग: ए सॉर्ट-ऑफ मेमॉयर' में साल 2005 में आई फिल्म 'वक्त' से जुड़े कई दिलचस्प खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि कैसे अमिताभ बच्चन की एक सिफारिश ने उनकी प्रोफेशनल जिंदगी की दिशा बदल दी थी।
जया बच्चन थीं पहली पसंद
किताब के मुताबिक, निर्देशक विपुल शाह इस फिल्म में मां 'सुमी' के किरदार के लिए दिग्गज अभिनेत्री जया बच्चन को कास्ट करना चाहते थे। इसके अलावा हेमा मालिनी के नाम पर भी विचार हुआ था, लेकिन फिल्म 'बागबान' से समानता होने के कारण उस विचार को छोड़ दिया गया। इसके बाद विपुल शाह ने शेफाली शाह को इस रोल के लिए मना कर दिया था, क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि शेफाली कम उम्र में ही परदे पर मां की छवि में बंध जाएं।
बिग बी के कहने पर बदली बात
फिल्म में पिता का किरदार निभा रहे अमिताभ बच्चन इस रोल के लिए एकमात्र पसंद थे। जब अमिताभ बच्चन ने विपुल शाह के सामने शेफाली शाह के नाम का सुझाव दिया, तो विपुल मना नहीं कर पाए। शेफाली ने इसे अपने लिए एक बड़ा मौका माना क्योंकि उन्हें अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज के साथ काम करने का अवसर मिल रहा था।
करियर पर पड़ा असर
हालांकि, शेफाली शाह ने माना कि कम उम्र में मां का किरदार निभाने से उनके करियर पर गहरा असर पड़ा। फिल्म रिलीज होने के बाद उन्हें लगातार मां के ही रोल मिलने लगे, जिससे उन्हें डर था कि वह इंडस्ट्री की 'अगली निरुपम रॉय' बनकर न रह जाएं। इसके बावजूद, वह अमिताभ बच्चन के साथ स्क्रीन शेयर करने के अनुभव को बहुत खास मानती हैं।
