प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में नई दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित एक लाइव भजन क्लबिंग और जैमिंग सेशन में शामिल हुए। यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में संगीतकार जोड़ी 'बैकस्टेज सिबलिंग्स' (राघव और प्राची अग्रवाल) ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान पीएम मोदी ने अंबा मां के भजन पर पारंपरिक खंजरी बजाकर कलाकारों का साथ दिया और भीड़ से बातचीत भी की।
परफॉर्म करते वक्त चला पता
इस अद्भुत अनुभव को याद करते हुए राघव ने बताया कि उन्हें कार्यक्रम के दौरान ही पता चला कि प्रधानमंत्री मोदी वहां आ रहे हैं। उन्हें इसकी कोई भी पूर्व जानकारी नहीं थी। जैसे ही उन्होंने पीएम मोदी को अंदर आते देखा, उनकी भावनाएं शब्दों में बयां करने लायक नहीं थीं। उनके लिए यह खुशी, हैरानी, अविश्वास और गर्व का मिला-जुला पल था। देश के प्रधानमंत्री के सामने परफॉर्म करना और इस तरह की неожидан घटना देखना बेहद जादुई था।
प्राची अग्रवाल ने बताया अनुभव
प्राची ने बताया कि मंच पर आते ही पीएम मोदी ने पीछे मुड़कर खंजरी की मांग की और उनके साथ बजाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि कलाकारों को अपनी लय या टेम्पो में कोई बदलाव नहीं करना पड़ा। हैरान करने वाली बात यह थी कि पीएम ने बहुत ही स्वाभाविक रूप से ताल को पकड़ा और संगीत के साथ पूरी तरह तालमेल बिठाया। उन्होंने सिर्फ कुछ सेकंड के लिए नहीं, बल्कि आखिरी तक खंजरी बजाई।
संस्कृति से जुड़ाव को बढ़ावा
राघव ने कहा कि इस स्तर पर भजन जैमिंग को प्रोत्साहन मिलना उनके लिए सबसे बड़ा वैलिडेशन है। पीएम मोदी ने वहां एक घंटे से अधिक का समय बिताया और पूरे अनुभव में सक्रिय रूप से शामिल रहे। युवा पीढ़ी को हमारी संस्कृति से जोड़े रखना एक ऐसा प्रयास है जिसे पीएम मोदी लंबे समय से प्रोत्साहित करते आ रहे हैं।
