बॉलीवुड अभिनेत्री मृणाल ठाकुर इन दिनों अपनी आगामी ओटीटी रिलीज फिल्म 'पूजा मेरी जान' को लेकर काफी चर्चा में हैं। फिल्म के निर्देशक नवजोत गुलाटी हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान मृणाल ने इस फिल्म और अपने किरदार से जुड़े कई दिलचस्प खुलासे किए हैं।
भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण था किरदार
फिल्म में अपने किरदार 'पूजा' के बारे में बात करते हुए मृणाल ने बताया कि यह रोल भावनात्मक रूप से बेहद जटिल था। उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती इस किरदार के साथ पूरा न्याय करना था। उन्होंने कहा कि समाज में कई ऐसी लड़कियां हैं जो इस तरह की समस्याओं से गुजरती हैं। कई बार महिलाओं के दोस्ताना और मददगार स्वभाव का गलत मतलब निकाल लिया जाता है, जिसे लोग ग्रांटेड ले लेते हैं।
खुद को कम आंकती थीं मृणाल ठाकुर
अपने निजी जीवन और इस प्रोजेक्ट के दौरान अपने अनुभवों के बारे में बात करते हुए मृणाल ने माना कि वह अतीत में अक्सर खुद को कम आंकती थीं। वह दूसरों की भावनाओं को ज्यादा महत्व देती थीं और कई बार गिल्ट ट्रिप में चली जाती थीं। लेकिन इस किरदार को निभाने के बाद उन्हें समझ आया कि सही दोस्तों और लोगों के साथ रहने पर आपको खुद को बदलने की जरूरत नहीं होती, बल्कि आप जैसे हैं वैसे ही रहना काफी है।
महिलाओं के फैसलों पर होती है जजमेंट
एक सवाल के जवाब में मृणाल ने कहा कि महिलाओं के फैसलों और उनकी पसंद को लेकर समाज में उन्हें अक्सर काफी जज किया जाता है। एक सार्वजनिक हस्ती होने के नाते वह इन सभी चीजों से दूर रहना पसंद करती हैं और केवल अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह खुद को नारीवादी नहीं बल्कि समानता में विश्वास रखने वाली मानती हैं।
