बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री स्मिता पाटिल की फिल्म 'वारिस' में उनकी बेहतरीन अदाकारी को लेकर जेएस चीमा और बलदेव गिल ने कई खास बातें साझा की हैं। मेकर्स ने बताया कि स्मिता पाटिल ने इस फिल्म के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लिया था। मूल रूप से यह एक पंजाबी फिल्म थी, जिसे बाद में हिंदी में बनाया गया ताकि इसे एक बड़ा दर्शक वर्ग मिल सके।
किरदार में पूरी तरह ढल जाती थीं स्मिता
हरियाणा में शूटिंग के दौरान स्मिता पाटिल ने ग्रामीण महिलाओं के काम करने के तरीके और उनकी बॉडी लैंग्वेज को बारीकी से सीखा। फिल्म में उन्होंने बलदेव गिल द्वारा लिखे गए पारो के किरदार को पूरी शिद्दत से निभाया। एक दृश्य को लेकर जब वह संतुष्ट नहीं हुईं, तो उन्होंने एक दिन का समय लिया और अगले दिन एकदम परफेक्ट शॉट दिया।
प्रेग्नेंसी में भी पूरा किया काम
शूटिंग के दौरान वह फुर्सत के पलों में किताबें पढ़ती थीं या स्थानीय महिलाओं से बातें करती थीं। फिल्म का केवल एक गाना और थोड़ा सा पैचवर्क बाकी था और स्मिता गर्भवती थीं, फिर भी उन्होंने प्रसव से पहले अपना काम पूरा करने पर जोर दिया। हालांकि, वह अपनी आवाज खुद डब नहीं कर पाईं। उनके प्रति सम्मान दिखाते हुए रेखा और शबाना आज़मी ने उनके लिए डबिंग की थी।
अमरीश पुरी के साथ दमदार सीन
फिल्म में स्मिता पाटिल और अमरीश पुरी के किरदार समानांतर चलते थे। एक कड़े मुकाबले वाले सीन में भी उन्होंने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। समाधि वाले दृश्य को लेकर जब वह खुश नहीं हुईं, तो इसे उनकी पसंद के मुताबिक फिर से लिखा गया, जिसके बाद उन्होंने बेहतरीन शॉट दिया।
