फिल्मफेयर के एडिटर-इन-चीफ जितेश पिल्लई ने अभिनेत्री तब्बू के जन्मदिन पर एक भावुक ट्रिब्यूट लिखा है। इस लेख में उन्होंने तब्बू के साथ बिताए गए निजी पलों, बातचीत और उनके फिल्मी सफर के महत्वपूर्ण पड़ावों को याद किया है।


सामाजित दिखावे से दूर और प्रामाणिक
जितेश पिल्लई ने लिखा है कि वह दौर ऐसा था जब पीआर और मैनेजर्स का बोलबाला नहीं था। तब्बू के साथ उनकी मुलाकात एक संवेदनशील दौर में हुई थी। उन्होंने याद किया कि कैसे चाय में मारी बिस्कुट डुबोते हुए उनके बीच एक कनेक्शन बना था। तब्बू ने हमेशा बनावटीपन की जगह प्रामाणिकता को चुना। उनके अभिनय में कोई झूठ नहीं था, बल्कि वह सचमुच रोती थीं और असलियत के साथ अभिनय करती थीं।


बेहतरीन फिल्मों का सफर
लेख में 'हू तू तू', 'अस्तित्व', 'चांदनी बार' और 'द नेमसेक' जैसी फिल्मों का जिक्र किया गया है। 'चांदनी बार' के जटिल दृश्यों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि पर्दे पर दिखने वाली क्रूरता और कच्चापन तब्बू की घर पर की गई गहरी मेहनत का नतीजा था। फिल्म 'अस्तित्व' को तब्बू के करियर का बेहतरीन प्रदर्शन बताते हुए कहा गया है कि उन्होंने अदिति के दर्द को गहराई से जिया और पर्दे पर महिलाओं को एक नई गरिमा दी।

जन्मदिन की खास शुभकामनाएं
संपादक ने तब्बू को यादों और बिना किसी फिल्टर के अपनी कमजोरियों व सफलताओं को साझा करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने तब्बू को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके साथ बिताए गए अच्छे समय को याद किया।
