मनोज बाजपेयी की लेटेस्ट फिल्म 'गाजब रात' आखिरकार दर्शकों के सामने आ गई है। नीरज पांडे के बैनर तले बनी इस फिल्म का नाम पहले 'घूसखोर पंडित' था, जिसे बाद में बदलकर 'गाजब रात' कर दिया गया। फिल्म में मनोज बाजपेयी के अलावा नुसरत भरूचा, दिव्या दत्ता, श्रद्धा दास, अक्षय ओबेरॉय और साकिब सलीम जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं।
फिल्म की कहानी
कहानी अजय निर्वित यानी मनोज बाजपेयी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी है। वह एक होटल में रेड मारने निकलता है लेकिन अनजाने में एक ऐसे मामले में फंस जाता है जहां दिल्ली की सड़कों पर एक पीड़ित लड़की मिलती है और यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती है। उसका काम लड़की को अस्पताल पहुंचाना और होश आने पर उसका बयान दर्ज करना है। हालांकि, मुश्किलें तब बढ़ती हैं जब एक सीबीआई अधिकारी उसे केस सौंपने का दबाव बनाने लगता है।

कैसी है फिल्म और अभिनय?
फिल्म की शुरुआत एक मोर्ली मर्की थ्रिलर के रूप में होती है और पहले 30 मिनट तक यह काफी रोमांचक बनी रहती है। निर्देशक रितेश शाह और लेखकों ने एक ऐसा सिस्टम दिखाया है जहां केस रफा-दफा करने की कीमत तय होती है। मनोज बाजपेयी अपने दमदार अभिनय से फिल्म को संभाले रखते हैं। एक भ्रष्ट पुलिसकर्मी से लेकर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए अड़ जाने वाले शख्स के रूप में उनका ट्रांसफॉर्मेशन शानदार है। दिव्या दत्ता एक भ्रष्ट राजनेता के रूप में असरदार लगी हैं।
कमजोर कड़ियां
पहले आधे घंटे के बाद फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ जाती है। क्लाइमैक्स थोड़ा आसान लगता है और मनोज व नुसरत भरूचा के बीच का ट्रैक किसी अंजाम तक नहीं पहुंच पाता। कुल मिलाकर, मनोज बाजपेयी के अभिनय के लिए यह एक बार देखने लायक थ्रिलर फिल्म है।
