एसडी बर्मन की याद में: एक जीनियस संगीतकार और उनकी अमर धुनें
फिल्मफेयर केeditor-in-chief जितेश पिल्लई ने महान संगीतकार एसडी बर्मन को उनकी जयंती पर याद किया और उनके संगीत सफर को बयां किया।
फिल्मफेयर के एडिटर-इन-चीफ जितेश पिल्लई ने हिंदी सिनेमा के महान संगीतकार एसडी बर्मन को उनकी जयंती पर याद किया है। दादा बर्मन के नाम से मशहूर इस दिग्गज संगीतकार ने अपनी सादगी भरी धुनों से भारतीय संगीत जगत में एक खास मुकाम हासिल किया था।
गाइड से लेकर प्यासा तक का जादुई सफर
एसडी बर्मन का संगीत हमेशा से अपनी सरलता और गहराई के लिए जाना जाता रहा है। 'गाइड', 'ज्वेल थीफ', 'अभिमान', 'मिली' और 'प्यासा' जैसी फिल्मों में उनके द्वारा दिए गए संगीत ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है। उनकी धुनें दिखावटी नहीं होती थीं, बल्कि एक कहानी कहती थीं।
साहिद लुधियानवी और लता मंगेशकर के साथ बॉन्डिंग
किताब 'एसडी बर्मन - प्रिंस म्यूजिशियन' के हवाले से उनके जीवन के कई दिलचस्प पहलुओं पर रोशनी डाली गई है। साहिर लुधियानवी, शैलेंद्र और मजरूह सुल्तानपुरी के साथ उनके बेहतरीन गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं। लता मंगेशकर और किशोर कुमार के साथ उनका तालमेल और राहुल देव बर्मन (पंचम दा) को आगे बढ़ाने में उनका योगदान उनके व्यक्तित्व को और खास बनाता है।
अमर संगीत विरासत
खराब स्वास्थ्य के बावजूद उन्होंने अपने करियर के आखिरी दिनों तक बेहतरीन संगीत देना जारी रखा। 'सुजाता' का गाना 'काली घटा छाये' आज भी लोगों को हील और प्रेरित करता है। एसडी बर्मन का संगीत हमेशा श्रोताओं के दिलों में अमर रहेगा।




