दिया मिर्जा ने महिलाओं की सुरक्षा परकी बात, कहा- लड़कों को सिखाएं सहमति और सम्मान
अभिनेत्री दिया मिर्जा ने महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए कहा कि हमें ऐसे लड़के पालने चाहिए जो नुकसान न पहुंचाएं।
देशभर में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। दिल्ली-एनसीआर और बिहार में सामने आए हालिया कथित मामलों के बीच अभिनेत्री दिया मिर्जा ने अपने बेटे की परवरिश को लेकर एक जरूरी संदेश साझा किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेटों को सहमति, सीमाओं के सम्मान और अस्वीकृति को स्वीकार करना सिखाना बेहद जरूरी है।
लड़कियों को बचाने के बजाय लड़कों को सुधारने की जरूरत
मंगलवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दिया मिर्जा ने लिखा कि लड़कियों को नुकसान से बचने के लिए मत सिखाइए, बल्कि ऐसे लड़के तैयार कीजिए जो किसी को नुकसान न पहुंचाएं। उन्होंने लिखा कि वह हर दिन अपने बेटे को सभी के प्रति देखभाल, सम्मान, सहानुभूति और दयालुता की भावना सिखाने का प्रयास करती हैं।
सहमति और अस्वीकृति का मतलब समझाना जरूरी
दिया मिर्जा ने आगे लिखा कि वह चाहती हैं कि उनका बेटा यह समझे कि सहमति केवल ना न कहने की स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक सहज और आरामदायक हां का होना है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी को अपना ध्यान या आत्मीयता देने के लिए बाध्य नहीं है, और अस्वीकृति को कभी भी अपमान या चुनौती के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
हालिया घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता
बता दें कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ कथित अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली-एनसीआर में हुए इन मामलों पर स्वतः संज्ञान लिया है और दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्र नहीं बनने दिया जा सकता।




