मलयालम सिनेमा के जाने-माने फिल्ममेकर बालचंद्र मेनन ने हाल ही में दिवंगत अभिनेत्री श्रीविद्या को याद किया है। उन्होंने श्रीविद्या के साथ अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कई दिलचस्प और भावनात्मक किस्से साझा किए हैं। मेनन का कहना है कि श्रीविद्या न केवल एक बेहतरीन कलाकार थीं, बल्कि वह एक बेहद खूबसूरत इंसान भी थीं।

श्रीविद्या की खूबसूरती और उनकी नजाकत
बालचंद्र मेनन ने बताया कि श्रीविद्या में एक अलग ही आकर्षण और खूबसूरती का अहसास था। जब वह चलती थीं, तो उनकी चाल में एक डांसर जैसी ग्रेस और नजाकत दिखती थी, ऐसा लगता था जैसे उनके पैर जमीन को बहुत ही कोमलता से छू रहे हों। हालांकि उनके जीवन के आखिरी दिनों में निजी परेशानियों के कारण काफी उदासी आ गई थी, लेकिन उनकी कला और व्यक्तित्व हमेशा खास रहे।

फिल्मों में साथ काम करने का अनुभव
मेनन ने अपनी पहली फिल्म 'थारट्टू' में श्रीविद्या के साथ काम करने का अनुभव भी साझा किया, जिसमें उन्होंने अभिनेत्री के बेटे की भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उन्होंने फिल्म 'ओरु पाइंकिली कथा' का भी जिक्र किया, जिसमें श्रीविद्या ने गाना गाया था। शूटिंग के दौरान दोनों के बीच अच्छा तालमेल था और वे अक्सर सेट पर पुराने गाने गाया करते थे।
आखिरी मुलाकात की यादें
श्रीविद्या के निधन से पहले मेनन ने उन्हें मिलने की इच्छा जताई थी, ताकि वह उन्हें अपने चुटकुलों से हंसा सकें। हालांकि सेहत ठीक न होने और इन्फेक्शन के डर से श्रीविद्या ने मिलने से मना कर दिया था, लेकिन फोन पर उन्होंने पुराने अंदाज में मजाक भी किया था। उनके निधन के बाद मेनन उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे, जहां उनका बदला हुआ रूप देखकर उन्हें गहरा सदमा लगा था।
