बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर अजीज मिर्जा ने अपनी फिल्म 'राजू बन गया जेंटलमैन' से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए हैं। इस फिल्म में नाना पाटेकर द्वारा निभाए गए 'जय' के किरदार को दर्शक आज भी नहीं भूल पाए हैं। अजीज मिर्जा ने बताया कि कैसे नाना ने एक छोटे से किरदार को अपनी शानदार अदाकारी से पर्दे पर जीवंत कर दिया था।
श्री 420 से ली गई थी प्रेरणा
अजीज मिर्जा के अनुसार, नाना पाटेकर के किरदार 'जय' की प्रेरणा 1930 और 40 के दशक के मशहूर अभिनेता कुमार द्वारा फिल्म 'श्री 420' में निभाए गए एक भिखारी के छोटे से रोल से ली गई थी। मेकर्स ने उसी छोटे से किरदार को विकसित करके एक पूर्ण भूमिका का रूप दिया। हालांकि, जब यह रोल पहली बार नाना पाटेकर को ऑफर किया गया था, तो वह इसे लेकर थोड़ा संकोच में थे। लेकिन बाद में उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया और इसमें अपना अनूठा हास्य और बेबाक अंदाज जोड़ दिया।
अनमोल डायलॉग्स और नाना का अनूठा अंदाज
फिल्म में 'जय' के कई डायलॉग्स बेहद लोकप्रिय हुए, जिन्हें नाना ने एक सूत्रधार की तरह बोला। उनके संवादों में जिंदगी की गहरी सच्चाइयां और दुनिया का अजीब नजरिया झलकता था। अजीज मिर्जा ने याद किया कि नाना सीन की तैयारी के लिए किस हद तक मेहनत करते थे। शूटिंग से पहले वह अपने तरीके से पूर्वाभ्यास करते और पूरी तरह तैयार होकर कैमरे के सामने आते थे।
जो फिल्म कभी बन नहीं पाई
अजीज मिर्जा ने यह भी बताया कि 'राजू बन गया जेंटलमैन' के बाद उनकी योजना नाना पाटेकर के साथ एक और फिल्म बनाने की थी। उस कहानी में नाना एकतरफ सनकी किरदार में नजर आने वाले थे और दूसरी तरफ एक इंस्पेक्टर उनके जरिए एक खूंखार डकैत तक पहुंचना चाहता था। हालांकि, किन्हीं कारणों से वह प्रोजेक्ट कभी परवान नहीं चढ़ सका और सिर्फ एक विचार बनकर रह गया।
