Asian Games में भारतीय महिला आर्चरी टीम का ऐतिहासिक गोल्ड, कोरिया को हराया
कुसुम महोद, अंकिता भक्त और कीर्ति की तिकड़ी ने एशियन गेम्स में रिकर्व आर्चरी में इतिहास रचते हुए भारत को पहला गोल्ड दिलाया।
एशियन गेम्स में भारतीय महिला आर्चरी टीम ने इतिहास रचते हुए देश को पहली बार रिकर्व आर्चरी में गोल्ड मेडल जिताया है। जापान में हुए इस रोमांचक मुकाबले में अंकिता भक्त, कुमकुम महोद और कीर्ति की तिकड़ी ने दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम को मात दी।
कोरियाई वर्चस्व को किया खत्म
दक्षिण कोरियाई महिला आर्चरी टीम का इस खेल में लंबे समय से दबदबा रहा है। टोक्यो ओलंपिक की टीम गोल्ड मेडलिस्ट और दुनिया की नंबर एक तीरंदाजों वाली कोरियाई टीम को भारतीय महिला तिकड़ी ने 5-2 के शानदार स्कोर से हराया। मुकाबला बेहद कड़ा था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
पिता बनाते हैं मिठाई के डिब्बे
इस ऐतिहासिक जीत के बाद कुमकुम महोद के घर में जश्न का माहौल है। कुमकुम के पिता अनिल महोद कभी अमरावती की मशहूर मिठाई की दुकान के लिए डिब्बे बनाते थे। बेटी की हर बड़ी उपलब्धि पर वे उसी दुकान से भारी मात्रा में मिठाइयां मंगवाकर अपनी खुशी जाहिर करते हैं। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने की खबर मिलते ही उन्होंने एक बार फिर मिठाई का ऑर्डर दिया।
संघर्ष भरा रहा सफर
कुमकुम ने साल 2018 में अपनी दादी द्वारा दिए गए तीन हजार रुपयों से पहला लकड़ी का धनुष खरीदा था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उन्होंने और उनके माता-पिता ने हार नहीं मानी। शुरुआती दिनों में वह साझा ऑटो से ट्रेनिंग के लिए जाती थीं। बाद में परिवार ने अपनी बचत से उन्हें एक पुराना धनुष दिलाया, जिस पर कुमकुम का हमेशा से यह विश्वास था कि धनुष पुराना हो या नया, असली चीज आपकाौ हौसला होती है। आज उन्होंने अपनी मेहनत और साहस से पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन कर दिया है।


