नितेश तिवारी की आने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म Ramayana: Rise Of A Legend का जब से संगीत सामने आया है, तभी से ऑनलाइन चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिल्म का पवित्र वेडिंग ट्रैक 'मंगल रंग', जिसे अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने हिंदी में गाया है, एक अनपेक्षित बहस के घेरे में आ गया था। जहां कुछ श्रोताओं ने इसकी तुलना ए.आर. रहमान के पुराने गानों से की, वहीं कुछ ने महाकाव्य में सूफी धुनों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। अब इस मामले पर मशहूर पार्श्व गायक अरमान मलिक ने अपनी बात रखी है।

अरमान मलिक ने दी प्रतिक्रिया
अरमान मलिक ने कन्नड़ संस्करण 'मंगल सांगुमा' में बेला शेंडे के साथ अपनी आवाज दी है। उन्होंने इस विवाद पर स्पष्टता के साथ बात की। News18 से बातचीत करते हुए उन्होंने रचनात्मक विजन का बचाव किया और कहा कि पूरी संगीत टीम का एक ही लक्ष्य था कि संगीत ऐसा हो जो परदे पर रणबीर कपूर और साई पल्लवी द्वारा दिखाए गए प्यार और दिव्यता को पूरी तरह से दर्शा सके।
गायक ने आगे कहा कि कोई श्रोता संगीत को कैसे समझता है, यह हमेशा से व्यक्तिगत राय पर निर्भर करता है और यही कला की खूबी है। लेकिन एक कलाकार के रूप में उनका ध्यान केवल उस पल की गहरी भक्ति और उसे पूरी श्रद्धा के साथ पेश करने पर था।

रणबीर कपूर के लिए गाना बताया मील का पत्थर
मुख्य कलाकारों की तारीफ करते हुए अरमान ने कहा कि भगवान राम और माता सीता का किरदार निभाना एक बड़ी जिम्मेदारी है और रणबीर तथा साई पल्लवी ने इस भूमिका को पूरी गरिमा के साथ निभाया है।
अरमान मलिक के लिए रणबीर कपूर के वास्ते गाना गाना उनके बचपन के एक सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक बड़ा व्यक्तिगत मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि हम सब बड़े होते हुए कुछ कलाकारों को सिनेमाई रोमांस और भावनाओं को परिभाषित करते देखते हैं, और रणबीर उनकी पीढ़ी के लिए वही शख्स रहे हैं।
