भारतीय वायुसेना दिवस 2026 के अवसर पर अभिनेता अभय वर्मा ने वायुसेना के अधिकारियों के अदम्य साहस और उनकी निस्वार्थ देशसेवा को लेकर बड़े खुलासे किए हैं। अभय ने हाल ही में 'ऑपरेशन सफेद सागर' में दिवंगत वायुसेना अधिकारी विंग कमांडर राजपाल सिंह ढिढवाल का किरदार निभाया है। अभिनेता का मानना है कि उनके पूरे करियर में इससे बेहतर बायोपिक कोई और नहीं हो सकती थी।
असली हीरो से मिलने का अनुभव
भले ही अभय वर्मा को अपनी शूटिंग के दौरान असल जिंदगी के आर.एस. ढिढवाल से मिलने का मौका नहीं मिला, लेकिन जब वे असली एयर फोर्स स्टेशनों पर पहुंचे और मिग विमान में बैठे, तो वहां के माहौल ने उन्हें पूरी तरह झकझोर दिया। उन्होंने बताया कि जब लोगों को पता चला कि वह ढिढवाल साहब का किरदार निभा रहे हैं, तो उनके प्रति सम्मान साफ नजर आता था। अभिनेता ने कहा कि कभी-कभी आप पहले अपने हीरो को चुनते हैं और फिर अभिनेता बनते हैं, लेकिन इस मामले में वे पहले अभिनेता बने और बाद में उन्हें अपना हीरो मिला।
IAF अधिकारियों की निस्वार्थ भावना
वायुसेना अधिकारियों की देशभक्ति के बारे में बात करते हुए अभय ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे भगवान के बच्चे जैसे हैं। वे बड़े काम करके उन्हें भूल जाते हैं और किसी विशेष पुरस्कार या सम्मान की मांग नहीं करते। इतनी निस्वार्थ भावना इंसान के बस की बात नहीं है, इसके लिए उन्हें सुपरहीरो होना पड़ता है।
अलग होती है वायुसेना की आक्रामकता
अभय ने ग्राउंड फोर्स और एयर फोर्स की आक्रामकता में अंतर बताते हुए कहा कि कॉकपिट में बैठते समय आपको बेहद शांत और अपने सभी सेंस के साथ सतर्क रहना पड़ता है। वायुसेना का असली मस्क्युपिनिटी और गुस्सा अंदर छिपा होता है। वे अपनी उस आक्रामकता को देश को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उसे बाहर नहीं दिखाते। इन्हीं वीरों के कारण आज देश के लोग अपने घरों में सुरक्षित सोते हैं।
