BY: ANKIT JANGIR 3.2K | 35 | 3 years ago
अगर इंसान हार न मानकर कुछ करने की ठान ले तो उसे हासिल करके ही रहता है।
अगर इंसान हार न मानकर कुछ करने की ठान ले तो उसे हासिल करके ही रहता है। पढ़ाई हमारी जिंदगी में बहुत जरूरी है। अक्सर लोग स्कूल या कॉलेज में साइकिल, बाइक, गाड़ी से जाते हैं और सबके सामने शो ऑफ करते हैं। पर हम आज आपको मनीष के बारे में बताएंगे। जिसमें यह छोटा सा बच्चा रोज स्कूल घोड़े पर सवार होकर जाता है।
मनीष की उम्र सिर्फ 12 साल है और यह बहुत अच्छी तरीके से घोड़ा सवारी करता है। आप हैरान हो जाएंगे मनीष की स्कूल 5 किलोमीटर की दूरी पर है। सभी लोग बाइक और साइकिल पर जाते हैं पर मनीष रोज सुबह घोड़े पर स्कूल जाता है। मनीष को इस अंदाज में स्कूल के बच्चे देखना पसंद करते हैं। बच्चे अपने मां बाप से जिद करते हैं कि उन्हें भी स्कूल घोड़े पर सवार होकर जाना है।
मनीष के पिता का नाम अशोक यादव और वह किसान है। पिता मनीष को पढ़ा लिखा कर एक अच्छी जिंदगी देना चाहते हैं। हमारे भारत में कुछ बच्चे इंजीनियर बनना चाहते हैं कुछ डॉक्टर बनना चाहते हैं और कुछ वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। लेकिन मनीष डॉक्टर बनना चाहता था। क्योंकि उसका सपना है की गांव में अपना खुद का हॉस्पिटल खोले।