मां के सुहाग की निशानी बेच चालान भरने आया युवक, सच्चाई सुन आँखे भर आई एआरटीओ ने खुद भरी जुर्माने की रकम..
युवक के ओटो पर लगा 24,500 रुपए का जुर्माना, मां का मंगलसूत्र बेचने के बाद भी पैसे कम पड़ गए, तब एआरटीओ आरसी भारती ने खुद अपने पैसों से जुर्माना भरा...
by SUMAN CHOUDHARY
दोस्तों उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के सब डिविजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर ने एक युवक की गाड़ी का जुर्माना खुद अपनी सैलरी से भरा। दरअसल युवक ने अपनी मां का मंगलसूत्र बेचकर चालान जमा कराया था जब यह बात सब डिविजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर को पता चली तो उन्होंने अपनी खुद की सैलरी से युवक की गाड़ी पर लगा जुर्माना भरा।
इस दयालु एआरटीओ का नाम आरसी भारती सिंह है। सब डिविजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर को जब यह बात पता चला कि युवक पर लगाया गया जुर्माना उसने अपनी मां का मंगलसूत्र बेचकर भरा है तो ऑफिसर ने खुद अपनी सैलरी से युवक के 24,500 रूपए का जुर्माना खुद अपने पैसों से चुकाया।
यह मामला बुधवार के दिन हुआ था जब इस घटना के बारे में लोगों को पता चला तो वह एआरटीओ ऑफिसर की बहुत तारीफ करने लगे। दरअसल, युवक की घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी इसके ओटो पर 24500 रूपए का चालान कटा था, तब इसने जुर्माना चुकाने के लिए मां का मंगलसूत्र बेचकर पैसा इकट्ठा किया लेकिन तब भी पैसे कम पड़ रहे थे। जब इसकी जानकारी एआरटीओ ऑफिस भारती को पता लगी तो उन्होंने युवक के चालान के पैसे अपनी सैलरी से भर दिए। आरटीओ ऑफिस में सिंहपुर ताल्ही गांव का रहने वाला विजय पहुंचा तो वह बहुत परेशान दिख रहा था तब आरसी भारती सिंह ने उसके दुखी होने का कारण पूछा।
तब विजय ने कहा कि मेरे पिता राजकुमार ऑटो चालक है उन्हें एक आंख से दिखाई नहीं देता है और उनकी ओटो पर 24,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने के पैसे चुकाने के लिए मां मंगलसूत्र बेचने के बाद भी पैसे कम पड़ रहे हैं, मेरी 6 बहने हैं, मुझे उनका भी ध्यान रखना है। विजय कुमार की कहानी सुनकर आरसी भारती दया भाव से भर गए।
तब एआरटीओ ऑफिसर ने विजय के चालन का सारा जुर्माना खुद अपने पैसों से भरा। इस मामले के बारे में आरसी भारती ने मीडिया से कोई बात नहीं की, ऑफिसर ने बस यह कहा कि मैंने इसकी परेशानी सुनी और मुझे इसकी बात पर भरोसा हुआ तब मैंने इस का जुर्माना खुद अपने पैसों से भर दिया।
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