रणजी ट्रॉफी के गिरते स्तर पर भड़के सुनील गावस्कर, प्लेट टीमों और फॉर्मेट पर उठाए गंभीर सवाल
दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने रणजी ट्रॉफी के स्तर में गिरावट पर चिंता जताई है। उन्होंने प्लेट ग्रुप और बाहरी खिलाड़ियों के नियम को इसकी वजह बताया है।
by NIDHI JANGIR
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर रणजी ट्रॉफी के मौजूदा स्तर को लेकर काफी भड़के हुए हैं। उनका मानना है कि इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट के कंपटीशन का स्तर पहले के मुकाबले काफी गिर गया है। गावस्कर ने इसके पीछे प्लेट टीमों को रणजी ट्रॉफी में शामिल किए जाने को मुख्य वजह बताया है।
रणजी ट्रॉफी के फॉर्मेट में बदलाव
भारत के इस ऐतिहासिक फर्स्ट-क्लास टूर्नामेंट की शुरुआत साल 1934-35 में हुई थी। उस दौर में टीमों को चार से पांच जोन में बांटा जाता था। हालांकि, 21वीं सदी की शुरुआत यानी 2002-03 के सीजन के बाद बीसीसीआई ने जोन सिस्टम को खत्म कर दिया था। इसके बाद इसे दो-टियर वाली लीग स्टेज में बदल दिया गया, जिसमें टीमों को एलीट और प्लेट ग्रुप में बांटा जाने लगा।
प्लेट ग्रुप और गेस्ट प्लेयर्स पर आपत्ति
सुनील गावस्कर ने लोढ़ा समिति की उस सिफारिश पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को रणजी ट्रॉफी में खेलने का मौका दिया गया। गावस्कर का कहना है कि इन नए प्रदेशों में इन्फ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी है और वे अपनी टीम मजबूत करने के लिए बाहरी यानी गेस्ट खिलाड़ियों को बुलाकर खिलाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिन खिलाड़ियों को अपनी होम टीम में जगह नहीं मिलती, वे दूसरी टीमों से खेलते हैं और एलीट टीमों के खिलाफ संघर्ष करते हैं, जिससे दोनों डिवीजनों के स्तर का साफ अंतर नजर आता है।
Related Articles
These articles might be interesting for you as well: