Hanuman Janmotsav 2026: प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर में शुरू हुआ पांच दिवसीय उत्सव, जानिए दिवाली से पहले क्यों मनाते हैं पर्व
प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर में पांच दिवसीय जन्मोत्सव शुरू हो गया है। यहां दिवाली से पहले जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है।
by NEHA RAJPUT
प्रयागराज में संगम तट पर स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री बड़े हनुमान मंदिर में पांच दिवसीय श्री हनुमत जन्मोत्सव महापर्व का आगाज हो चुका है। पहले दिन वैदिक अनुष्ठानों और महागणपति हवन के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।
दिवाली से पहले क्यों मनाया जाता है जन्मोत्सव
देश के अधिकांश हिस्सों में हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है, लेकिन प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानी नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पवनपुत्र हनुमान का प्राकट्य इसी तिथि को हुआ था।
पौराणिक कथा और मान्यता
पौराणिक कथाओं के अनुसार लंका और पाताल लोक के संहार के बाद जब हनुमान जी त्रिवेणी तट पर विश्राम करने आए थे, तब माता सीता ने उन्हें सिंदूर अर्पित किया था। इसी विश्राम मुद्रा के कारण इन्हें लेटे हुए हनुमान और प्रयागराज के कोतवाल के रूप में पूजा जाता है।
पांच दिनों के विशेष अनुष्ठान
मंदिर में पांच दिनों तक विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। पहले दिन सप्त शुद्धि और हवन हुआ। इसके बाद राम तारक मंत्र हवन, अखंड रामायण पाठ, संगीतमय सुंदरकांड और पांचवें दिन महाभिषेक, छप्पन भोग और महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और संगम तट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बैरिकेडिंग की गई है।
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