बेंगलुरु ब्लास्ट केस का पर्दाफाश, आतंकी साजिश नहीं बल्कि पारिवारिक रंजिश और बदले की थी आग

बेंगलुरु के पुलकेशीनगर में हुए IED धमाके की गुत्थी पुलिस ने सुलझाई। पारिवारिक रंजिश के चलते रची गई थी हत्या की साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार।

by SNEHA SHARMA

बेंगलुरु ब्लास्ट केस का पर्दाफाश, आतंकी साजिश नहीं बल्कि पारिवारिक रंजिश और बदले की थी आग

बेंगलुरु के पुलकेशीनगर इलाके में 20 अक्टूबर 2026 को एक निर्माणाधीन इमारत में हुए रहस्यमयी धमाके की गुत्थी पुलिस ने महज पांच दिनों के भीतर सुलझा ली है। इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि यह धमाका किसी सामान्य बैटरी या टॉर्च की खराबी से नहीं, बल्कि जानबूझकर तैयार किए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED से किया गया था। पुलिस जांच के अनुसार, इस विस्फोट के पीछे कोई आतंकी साजिश नहीं, बल्कि पारिवारिक रंजिश और हत्या की सुनियोजित योजना थी।

जमीन विवाद और बहन की शादी टूटने का बदला

बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस मामले में असम के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान जाहिदुल हुसैन बरभुइया, साजिदुल इस्लाम लस्कर और बरहान अहमद बरभुइया के रूप में हुई है। ये तीनों बचपन के दोस्त हैं और असम के एक ही गांव के रहने वाले हैं। आरोपियों ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए इस पूरी घटना की साजिश रची थी। मुख्य आरोपी और इस धमाके में घायल अलाउद्दीन आपस में चचेरे भाई हैं, जिनके बीच पैतृक जमीन और पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा बहन की शादी टूटने की रंजिश भी इस खौफनाक कदम के पीछे की मुख्य वजह बनी।

ऑनलाइन सीखकर खुद तैयार किया था IED

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने इंटरनेट के माध्यम से IED बनाने की जानकारी जुटाई और स्थानीय स्तर पर सामान खरीदकर विस्फोटक तैयार किया। इसके बाद विस्फोटक को बैटरी के अंदर छिपाकर एक पार्सल में रखा गया और उसे एक छोटी दुकान पर छोड़ दिया गया। आरोपियों ने फोन करके पार्सल खुलवाने का दबाव बनाया, जिसे अलाउद्दीन के साथ काम करने वाले एक अन्य मजदूर ने खोल दिया। पार्सल खुलते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश निवासी सूरज कुमार और असम निवासी अलाउद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस की विशेष टीमों ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए बेंगलुरु पुलिस ने 10 विशेष टीमों का गठन किया था। जांच के दौरान 1500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। लगातार 72 घंटों की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को बेंगलुरु से और तीसरे आरोपी को कर्नाटक के रायचूर जिले से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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