मशहूर अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने सिंगीथम श्रीनिवास राव को किया याद, फिल्म मयूरी से जुड़ा पुराना संस्मरण
अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीथम श्रीनिवास राव को अपना पिता तुल्य बताया है। उन्होंने अपनी पहली फिल्म मयूरी से जुड़े अनुभव साझा किए।
by SNEHA SHARMA
सुधा चंद्रन ने सिंगीथम श्रीनिवास राव को किया याद
सिनेमा जगत के महान फिल्ममेकर सिंगीथम श्रीनिवास राव के योगदान को कई फिल्मी हस्तियां याद कर रही हैं। इसी कड़ी में जानी-मानी भरतनाट्यम नृत्यांगना और अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने भी उन्हें याद किया है। सुधा ने अपनी पहली फिल्म मयूरी (1985) के दिनों को याद करते हुए निर्देशक को अपना 'पिता तुल्य' बताया है।
फिल्म मयूरी में कास्ट करने के लिए किया था प्रेरित
जून 1981 में त्रिची से मद्रास जाते समय एक दुर्घटना में सुधा चंद्रन ने अपना दाहिना पैर खो दिया था। दो साल बाद उन्होंने फिर से नृत्य करना शुरू किया। उनकी इस प्रेरणादायक कहानी को सुनने के बाद निर्देशक सिंगीथम श्रीनिवास राव ने उन पर आधारित तेलुगु फिल्म मयूरी बनाने का फैसला किया और उन्हें ही मुख्य भूमिका में कास्ट करना चाहा।
सुधा चंद्रन ने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि वह सिर्फ एक डांसर थीं और अभिनय के बारे में कुछ नहीं जानतीं थीं। लेकिन सिंगीथम सर के समझाने और उनके स्पष्ट दृष्टिकोण के कारण उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। मयूरी भारत के सिनेमा इतिहास की ऐसी पहली फिल्म थी जिसमें किसी जीवित व्यक्ति ने अपनी ही बायोपिक में मुख्य भूमिका निभाई थी।
मिला था नेशनल फिल्म अवॉर्ड
फिल्म मयूरी बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इस फिल्म ने सुधा चंद्रन के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड - स्पेशल जूरी अवॉर्ड जीता और साथ ही 14 नंदी स्टेट अवॉर्ड भी अपने नाम किए। सुधा चंद्रन आज अपनी सफलता का पूरा श्रेय सिंगीथम श्रीनिवास राव को देती हैं।
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