कार्तिक आर्यन का सफर: मोनोलॉग किंग से लेकर नेशनल अवॉर्ड विनर बनने तक की कहानी
प्यार का पंचनामा से छाने वाले कार्तिक आर्यन ने चंदू चैंपियन के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया है।
by NIDHI JANGIR
बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन का सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है। साल 2011 में फिल्म प्यार का पंचनामा से अपने अभिनय की शुरुआत करने वाले कार्तिक ने बिना किसी फिल्मी विरासत के इंडस्ट्री में अपनी एक अलग जगह बनाई है। ग्वालियर से आने वाले इस अभिनेता ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
प्यार का पंचनामा से मिली पहचान
फिल्म प्यार का पंचनामा में कार्तिक का लंबा मोनोलॉग पॉप कल्चर का हिस्सा बन गया था। इसके बाद साल 2015 में आए इसके सीक्वल ने उनकी इस खूबी को उनकी पहचान बना दिया। हालांकि, इसके बाद उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता को साबित करने के लिए अलग-अलग तरह के किरदार चुने। आकाश वाणी से लेकर सोनू के टीटू की स्वीटी जैसी फिल्मों ने उनके करियर को एक नया मोड़ दिया और उन्हें बॉक्स ऑफिस पर एक सफल अभिनेता के रूप में स्थापित किया।
मुख्यधारा की फिल्मों में विविधता
कार्तिक ने लुका छुपी, पति पत्नी और वो, और धमाका जैसी फिल्मों में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। इसके बाद उन्होंने भूल भुलैया 2 में रुह बाबा के रूप में शानदार अभिनय किया, जो बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। सत्यप्रेम की कथा में उनके संवेदनशील और गंभीर अभिनय ने दर्शकों का दिल जीता।
नेशनल अवॉर्ड तक का सफर
कार्तिक आर्यन के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट फिल्म चंदू चैंपियन (2024) साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया। इस भूमिका के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत और शारीरिक बदलाव किए, जिसके चलते उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड और फिर नेशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने भूल भुलैया 3 में भी अपनी शानदार मौजूदगी दर्ज कराई। आने वाले समय में वह कई रोमांचक प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं।
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