अंशुमान झा ने ठुकरा दीं 2-3 बड़ी फिल्में, बोले- 'पैसा और पॉपुलैरिटी मिल जाए लेकिन सेट पर...',

एक्टर अंशुमान झा ने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्होंने पिछले एक साल में कुछ बड़ी फिल्मों के ऑफर ठुकरा दिए क्योंकि वे सेट पर नाखुश नहीं रहना चाहते थे।

by Viral24

अंशुमान झा ने ठुकरा दीं 2-3 बड़ी फिल्में, बोले- 'पैसा और पॉपुलैरिटी मिल जाए लेकिन सेट पर...',

बॉलीवुड एक्टर अंशुमान झा अपनी बेहतरीन और लीक से हटकर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। 'लॉर्ड कर्जन की हवेली' और 'लकड़हारा' जैसी फिल्मों में नजर आ चुके अंशुमान इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'ओम का हरि' को लेकर चर्चा में हैं। यह फिल्म एक पिता और बेटे के रिश्ते पर आधारित एक प्यारी सी ड्रामा फिल्म है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान एक्टर ने अपने अभिनय के सफर और फिल्मों से जुड़े कई दिलचस्प खुलासे किए हैं।

पिता और बेटे के रिश्ते पर आधारित है फिल्म 'ओम का हरि'

हरीश व्यास द्वारा निर्देशित फिल्म 'ओम का हरि' में पिता और बेटे के बीच जीवन और काम को लेकर विचारों की टकराहट को दिखाया गया है। फिल्म में रघुबीर यादव ने पिता की भूमिका निभाई है, जबकि अंशuman झा बेटे के किरदार में नजर आए हैं। फिल्म के बारे में बात करते हुए अंशुमान ने बताया कि भारत में अक्सर पुरुष अपने पिता से खुलकर अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाते हैं क्योंकि उनके बीच दोस्ती का रिश्ता नहीं होता है। बेटियां अपने पिता के साथ ज्यादा खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त करती हैं, लेकिन बेटों के मामले में यह थोड़ा अलग होता है।

आपको बता दें कि अंशुमान हाल ही में एक बेटी के पिता बने हैं और 'ओम का हरि' पिता बनने के बाद उनकी पहली रिलीज फिल्म है। इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अद्भुत संयोग है कि पिता बनने के बाद उनकी पहली फिल्म पिता और बच्चे के रिश्ते पर ही आधारित है।

क्यों ठुकरा दीं बड़ी फिल्में?

इंटरव्यू के दौरान जब फिल्मों के चुनाव को लेकर बात हुई, तो अंशुमान ने खुलासा किया कि उन्होंने पिछले एक साल में दो-तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने से मना कर दिया। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि वे सेट पर जाकर नाखुश नहीं रह सकते। उनके लिए शूटिंग सेट किसी मंदिर की तरह है।

एक्टर ने अपनी बात रखते हुए कहा, 'अगर मैं मंदिर जाकर दुखी रहूंगा, तो आप मुझे जितने भी पैसे और पॉपुलैरिटी दे दो, मैं दुखी ही रहूंगा।' उनका मानना है कि इंसान की उदासी उसके काम और आंखों में साफ नजर आती है और कैमरा भगवान की आंख की तरह सब देखता है। इसलिए वही करना चाहिए जो दिल से ईमानदार हो। हरीश व्यास द्वारा निर्देशित फिल्म 'ओम का हरि' में सोनी राजदान भी अहम भूमिका में हैं और यह फिल्म फिलहाल सिनेमाघरों में चल रही है।

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